स्पीड सही है, लेकिन इंटरनेट स्लो क्यों है? कारण और समाधान
कभी-कभी स्पीडटेस्ट में डाउनलोड और अपलोड गति ठीक दिखती है, फिर भी वेबसाइट खुलने, वीडियो चलने या ऑनलाइन गेम में इंटरनेट धीमा लगता है। इसका कारण केवल बैंडविड्थ नहीं होता। Wi-Fi सिग्नल, लेटेंसी, DNS, राउटर का भार, डिवाइस, सर्वर दूरी और ISP रूटिंग की जांच करके वास्तविक समस्या पहचानी जा सकती है।
स्पीड सही होने पर इंटरनेट धीमा क्यों लगता है
स्पीडटेस्ट मुख्य रूप से डाउनलोड और अपलोड बैंडविड्थ मापता है। रोजमर्रा के इंटरनेट अनुभव पर लेटेंसी, पैकेट लॉस, DNS प्रतिक्रिया, Wi-Fi सिग्नल और जिस वेबसाइट या ऐप का सर्वर इस्तेमाल हो रहा है, उनका भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए एक ही कनेक्शन पर स्पीडटेस्ट अच्छा और ब्राउज़िंग धीमी दिखाई दे सकती है।
कमजोर या व्यस्त Wi-Fi सिग्नल
राउटर से दूरी, मोटी दीवारें, पड़ोसी नेटवर्क और 2.4 GHz चैनल पर अधिक भीड़ के कारण Wi-Fi में पैकेट दोबारा भेजने पड़ सकते हैं। इससे स्पीडटेस्ट के समय परिणाम ठीक आ सकता है, लेकिन कमरे बदलने पर वेबसाइट, वीडियो या डाउनलोड धीमे लग सकते हैं।
लेटेंसी और पैकेट लॉस
लेटेंसी अधिक होने पर सर्वर तक अनुरोध पहुंचने और जवाब लौटने में समय लगता है। पैकेट लॉस होने पर डेटा फिर से भेजना पड़ता है। इसका असर ऑनलाइन गेम, वीडियो कॉल, रिमोट डेस्कटॉप और कई छोटी फाइलों वाली वेबसाइटों पर डाउनलोड स्पीड से पहले दिखाई देता है।
DNS प्रतिक्रिया धीमी होना
DNS किसी वेबसाइट के नाम को उसके सर्वर पते में बदलता है। DNS सर्वर की प्रतिक्रिया धीमी या अस्थिर होने पर वेबसाइट खुलने में देर हो सकती है, जबकि वेबसाइट खुलने के बाद डाउनलोड गति सामान्य रह सकती है। अलग नेटवर्क पर वही वेबसाइट जल्दी खुलती है तो DNS एक संभावित कारण है।
राउटर पर अधिक भार या पुराना फर्मवेयर
कई डिवाइस एक साथ जुड़े हों, बैकग्राउंड डाउनलोड चल रहे हों या राउटर लंबे समय से रीस्टार्ट न हुआ हो, तो कनेक्शन की प्रतिक्रिया धीमी हो सकती है। पुराने फर्मवेयर, गर्मी और कमजोर प्रोसेसर भी ट्रैफिक संभालने की क्षमता घटा सकते हैं।
डिवाइस या ब्राउज़र की समस्या
कम मेमोरी, पुराने नेटवर्क ड्राइवर, ब्राउज़र एक्सटेंशन, मैलवेयर या बैकग्राउंड अपडेट के कारण केवल एक फोन या कंप्यूटर पर इंटरनेट धीमा लग सकता है। यदि दूसरे डिवाइस पर वही वेबसाइट सामान्य चलती है, तो समस्या ब्रॉडबैंड के बजाय उस डिवाइस में होने की संभावना अधिक है।
वेबसाइट सर्वर या ISP रूटिंग
किसी वेबसाइट, वीडियो प्लेटफॉर्म या गेम सर्वर पर अधिक लोड होने से केवल वही सेवा धीमी हो सकती है। कभी-कभी ISP और सर्वर के बीच रूटिंग या पीयरिंग में भी देरी होती है। यदि स्थानीय वेबसाइट ठीक और किसी खास सेवा की पहुंच धीमी है, तो समस्या आपके कनेक्शन की कुल स्पीड से अलग हो सकती है।
समस्या की सही जांच कैसे करें
राउटर के पास खड़े होकर Wi-Fi और ईथरनेट, दोनों पर स्पीडटेस्ट करें।
अलग-अलग समय पर डाउनलोड, अपलोड और लेटेंसी के परिणाम लिखें।
एक से अधिक डिवाइस और कई वेबसाइटों पर समस्या की तुलना करें।
किसी वेबसाइट का नाम खोलने में लगने वाला समय और डाउनलोड शुरू होने के बाद की गति अलग-अलग देखें।
वीडियो कॉल या गेम के दौरान पैकेट लॉस और पिंग में उतार-चढ़ाव की जांच करें।
इंटरनेट कनेक्शन को बेहतर बनाने के उपाय
राउटर को खुले और ऊंचे स्थान पर रखें तथा उसे माइक्रोवेव या अन्य रेडियो उपकरणों से दूर रखें।
पास के डिवाइस के लिए 5 GHz Wi-Fi इस्तेमाल करें और दूर के कमरों में उचित चैनल या मेश सिस्टम पर विचार करें।
राउटर और डिवाइस को रीस्टार्ट करें तथा उपलब्ध फर्मवेयर और नेटवर्क ड्राइवर अपडेट करें।
बैकग्राउंड डाउनलोड, क्लाउड सिंक और अनावश्यक स्ट्रीमिंग को रोककर दोबारा परीक्षण करें।
DNS बदलने से पहले वर्तमान सेटिंग दर्ज करें और बदलाव के बाद वेबसाइट खुलने की गति की तुलना करें।
ईथरनेट पर भी लेटेंसी या पैकेट लॉस बना रहे तो परीक्षण के समय और परिणामों के साथ ISP से संपर्क करें।
कब ISP से शिकायत करनी चाहिए
यदि ईथरनेट कनेक्शन पर अलग-अलग डिवाइस में लगातार उच्च लेटेंसी, पैकेट लॉस या अस्थिर डाउनलोड और अपलोड गति मिलती है, तो समस्या लाइन, फाइबर सिग्नल, नेटवर्क रूटिंग या ISP उपकरण से जुड़ी हो सकती है। शिकायत करते समय तारीख, समय, डिवाइस, कनेक्शन प्रकार और परीक्षण परिणाम साझा करें।
